राजस्थान सेवा नियम
Rajasthan Service Rules
इस पेज पर Rajasthan Service Rules से संबंधित उपलब्ध PDF आदेश/परिपत्र एक ही जगह दिए गए हैं। नीचे सूची से आप किसी भी दस्तावेज को सीधे देख या डाउनलोड कर सकते हैं।
मुख्य सेवा प्रावधान (Core Service Rules)
- राजस्थान सेवा नियम, 1951 के अंतर्गत सेवा शर्तें, अवकाश, प्रतिनियुक्ति, वेतन संरक्षण, विभागाध्यक्ष शक्तियाँ, सेवा पुस्तिका और प्रशासनिक प्रक्रिया की मूल संरचना निर्धारित होती है।
- समय-समय पर जारी संशोधन आदेश मुख्य रूप से: पदस्थापन प्रतीक्षा, प्रतिनियुक्ति, अध्ययन अवकाश, असाधारण अवकाश, विभागाध्यक्ष सूची, अतिरिक्त कार्यभार, तथा वेतन संबंधी स्पष्टीकरणों से जुड़े हैं।
- प्रत्येक प्रविष्टि में आदेश संख्या, दिनांक और संक्षिप्त सार मूल PDF पाठ तथा OCR सत्यापन के बाद तैयार किए गए हैं, ताकि नवीनतम संशोधन जल्दी समझे जा सकें।
- आधिकारिक उपयोग से पहले किसी भी मामले में संबंधित मूल PDF आदेश की शर्तें अवश्य सत्यापित करें, क्योंकि कई आदेश पुराने नियम-पाठ को प्रतिस्थापित करते हैं।
अध्यायवार अध्ययन (Chapter-wise)
RSR के अध्यायों को अलग-अलग सरल पेज में पढ़ने के लिए नीचे से शुरू करें।
Chapter 1 Quick Summary
- Chapter I पूरे RSR की लागूता तय करता है और Rule 1 तथा Rule 2 इसका आधार हैं।
- Rule 1 नियमों का नाम और प्रभावी तिथि 01-04-1951 स्पष्ट करता है।
- Rule 2 में सामान्य लागूता के साथ deputation, High Court, RPSC, All India Services और work-charged categories के अपवाद बताए गए हैं।
- Chapter I में उपलब्ध परिवर्तन मुख्यतः footnote/clarification प्रकृति के हैं; 14-09-2007 का परिपत्र RSR पुस्तिका के वेब-अपलोड की सूचनात्मक सूचना है।
अध्याय 2 - त्वरित सारांश
- Chapter II में RSR में प्रयुक्त प्रमुख शब्दों की परिभाषाएं दी गई हैं; यही परिभाषाएं आगे के नियमों की व्याख्या तय करती हैं।
- Rule 7 एक umbrella rule है जो बताता है कि Chapter II की definitions पूरे RSR में किस अर्थ में पढ़ी जाएंगी।
- Age, Cadre, Competent Authority, Duty, Commuted Leave, Class categories जैसे शब्दों की परिभाषा सेवा-निर्णयों में सीधे लागू होती है।
- Chapter II से जुड़े संशोधन प्रायः परिभाषात्मक स्पष्टता, birth-date determination, cadre/classification, और duty/probation context को refine करते हैं।
मुख्य सेवा नियम डाउनलोड करें
Rajasthan Service Rules - मुख्य संहिता
Latest Updates + Important Facts
Latest 5 ordersनवीनतम नियम/आदेश
नियम 35 और 50 के तहत अतिरिक्त कार्यभत्ता की देयता (13-10-2025)
Date: 13-10-2025 | Order: प.1(6)वित्त/नियम/2025
नियम 144A के तहत प्रतिनियुक्ति की परिभाषा पर स्पष्टीकरण (26-07-2023)
Date: 26-07-2023 | Order: No. F.1(3)FD/Rules/2020
कार्य प्रभारित कार्मिकों को विभागीय सेवा नियमों में लाकर पदोन्नति के अवसर (31-03-2023)
Date: 31-03-2023 | Order: प.4(4)वित्त(नियम)/2006 पार्ट
कार्य प्रभारित कार्मिकों की पदोन्नति में वेतन-स्तर संरक्षण (13-03-2023)
Date: 13-03-2023 | Order: प.4(4)वित्त(नियम)/2006 पार्ट
नियम 110 और 96 में अध्ययन अवकाश तथा असाधारण अवकाश संबंधी संशोधन (19-01-2022)
Date: 19-01-2022 | Order: No. F.1(3)FD(Rules)/2002 Pt.
महत्वपूर्ण तथ्य (Rules + Data)
- कुल संशोधन आदेश: 48
- नवीनतम संशोधन वर्ष: 2025
- Full PDF files: 49
- Important linked facts: 5
- Most recent order: 13-10-2025 (14672)
- अदिनांकित फाइलें: 0
कर्मचारियों के लिए जरूरी Key Points (Must Know)
Latest Rules Snapshot (नवीनतम उपलब्ध डेटा के आधार पर)
- 2025 के आदेश में स्पष्ट किया गया कि विभागाध्यक्ष और उससे ऊपर के रिक्त पद 6 माह से अधिक खाली रहने पर भी अतिरिक्त कार्यभार भत्ता देय हो सकता है।
- 2023 के स्पष्टीकरण के अनुसार विभाग या नियुक्ति प्राधिकारी के नियंत्रण वाले मंडलों, निगमों और स्वायत्त संस्थानों में पदस्थापना सामान्यतः प्रतिनियुक्ति नहीं मानी जाएगी।
- कार्य प्रभारित कार्मिकों के मामलों में ऊँचे वेतन स्तर का संरक्षण 2023 के आदेशों का मुख्य बिंदु है।
- अध्ययन अवकाश और असाधारण अवकाश के लिए पात्रता, आयु-सीमा और बंधपत्र की शर्तें 2022 संशोधन से अधिक स्पष्ट हुई हैं।
- पेंशन नियम 1996 के नियम 7(4) में 2021 संशोधन से अंतरिम पेंशन के साथ अंतरिम सेवानिवृत्ति उपादान का भी आधार बना।
- सेवा पुस्तिका, जन्मतिथि, नियुक्ति आदेश, पदोन्नति आदेश और अवकाश प्रविष्टियाँ समय-समय पर अद्यतन रखें, क्योंकि अधिकांश सेवा-विषयक दावे इन्हीं रिकॉर्ड पर निर्भर करते हैं।
- प्रतिनियुक्ति, अतिरिक्त प्रभार, अध्ययन अवकाश, प्रतीक्षा पदस्थापन या विशेष वेतन जैसे मामलों में केवल सारांश पर नहीं, संबंधित मूल PDF आदेश की शर्तें अवश्य देखें।
- कार्य प्रभारित, संविदा से नियमितीकरण, या विभागीय सेवा नियमों में लाए गए कर्मचारियों के मामलों में वेतन संरक्षण और पदोन्नति आदेश अलग से सत्यापित करें।
- विभागाध्यक्ष श्रेणी, प्रशासनिक स्वीकृति शक्तियाँ और अवकाश स्वीकृति अधिकार समय-समय पर बदलते रहे हैं; पुरानी प्रविष्टियों पर भरोसा करने से पहले नवीनतम संशोधन देखें।
- अध्ययन अवकाश, असाधारण अवकाश, चुनाव ड्यूटी या चिकित्सा परिचर्या संबंधी मामलों में पात्रता शर्तें अलग-अलग नियमों में बंटी हुई हैं; संबंधित आदेश संख्या नोट करके ही कार्यवाही करें।
- यदि किसी आदेश में तिथि, आदेश संख्या या प्रभावी दिनांक विवादित लगे तो वर्षवार सूची से मूल PDF खोलकर अंतिम पंक्ति और प्रतिस्थापित नियम-पाठ अवश्य मिलान करें।
वित्त विभाग संशोधन (Auto-read from PDFs)
Parsed circulars: 48वर्ष 2025
नियम 35 और 50 के तहत अतिरिक्त कार्यभत्ता की देयता (13-10-2025)
मुख्य बिंदु: राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि विभागाध्यक्ष तथा उनसे उच्च पदों, जैसे शासन सचिव, प्रमुख शासन सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव, के पद 6 माह से अधिक रिक्त रहने पर उन्हें आस्थगित नहीं माना जाएगा। ऐसे रिक्त पदों का अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले अधिकारियों को पूरी अतिरिक्त कार्य अवधि के लिए नियमानुसार अतिरिक्त कार्यभत्ता या विशेष वेतन देय होगा। यह आदेश वर्तमान प्रभारधारियों पर भी लागू है।
वर्ष 2023
नियम 144A के तहत प्रतिनियुक्ति की परिभाषा पर स्पष्टीकरण (26-07-2023)
मुख्य बिंदु: यह आदेश स्पष्ट करता है कि प्रशासनिक विभाग या नियुक्ति प्राधिकारी के नियंत्रण में स्थापित मंडलों, निगमों या स्वायत्त संस्थानों में की गई पदस्थापना नियम 144A के अर्थ में प्रतिनियुक्ति नहीं मानी जाएगी। इसलिए ऐसे मामलों में प्रतिनियुक्ति भत्ता सहित प्रतिनियुक्ति संबंधी प्रावधान लागू नहीं होंगे।कार्य प्रभारित कार्मिकों को विभागीय सेवा नियमों में लाकर पदोन्नति के अवसर (31-03-2023)
मुख्य बिंदु: राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि कार्य प्रभारित कार्मिकों को संबंधित विभागीय या अधीनस्थ सेवा नियमों की परिधि में लाकर उनके लिए पदोन्नति और पदोन्नयन के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। आदेश में पदनाम परिवर्तन, पद सृजन, वेतनमान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के notional promotion, pension revision तथा वेतन संरक्षण के विस्तृत प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।कार्य प्रभारित कार्मिकों की पदोन्नति में वेतन-स्तर संरक्षण (13-03-2023)
मुख्य बिंदु: इस आदेश से कार्य प्रभारित कार्मिकों के संबंध में पूर्व निर्देशों के बिंदु 8 को प्रतिस्थापित किया गया। इसके अनुसार प्रस्तावित पदोन्नति चैनल से अधिक वेतनमान या वेतन स्तर प्राप्त कर रहे कार्मिकों का विद्यमान वेतन-स्तर संरक्षित रहेगा और कम वेतन स्तर वाले पद पर पदोन्नति होने पर अलग से वेतन निर्धारण आवश्यक नहीं होगा।
वर्ष 2022
नियम 110 और 96 में अध्ययन अवकाश तथा असाधारण अवकाश संबंधी संशोधन (19-01-2022)
मुख्य बिंदु: नियम 110 के उपनियम (1) और (3) को प्रतिस्थापित कर अध्ययन अवकाश की पात्रता, आयु-सीमा, बंधपत्र और असाधारण अवकाश के विकल्प स्पष्ट किए गए। साथ ही नियम 96(b) के नीचे नया उपबंध जोड़कर नियम 110 के बाहर रहने वाले कर्मचारियों को उच्च अध्ययन हेतु दो वर्ष तक असाधारण अवकाश देने का प्रावधान किया गया।पुनर्विलोकन DPC पदोन्नति पर वेतन निर्धारण का स्पष्टीकरण (16-09-2022)
मुख्य बिंदु: नियम 26A के तहत पुनर्विलोकन DPC से बाद के वर्षों में पदोन्नति मिलने पर कर्मचारी को पहले से उच्च पद पर किए गए कार्य के लिए दिया गया वेतन वापस नहीं लिया जाएगा। आदेश में ऐसे मामलों में वेतन निर्धारण का स्पष्ट स्पष्टीकरण दिया गया है।
वर्ष 2021
पेंशन नियम, 1996 के नियम 7 में अंतरिम उपादान का प्रावधान (12-10-2021)
मुख्य बिंदु: राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 7(4) में संशोधन कर अंतरिम पेंशन के साथ अंतरिम सेवानिवृत्ति उपादान का भी प्रावधान जोड़ा गया। साथ ही विभागीय कार्यवाही लंबित होने की स्थिति के लिए नया उपबंध शामिल किया गया।मेडिकल शिक्षा आयुक्त की प्रविष्टि का प्रतिस्थापन (04-01-2021)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 127 की प्रविष्टि प्रतिस्थापित कर आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग, राजस्थान, जयपुर को अद्यतन रूप में रखा गया।
वर्ष 2020
नियम 112 में अध्ययन अवकाश का विस्तार (31-07-2020)
मुख्य बिंदु: नियम 112 के अपवाद को प्रतिस्थापित कर चिकित्सा अधिकारी, दंत, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी तथा चिकित्सा शिक्षा के शिक्षकों के लिए स्नातकोत्तर या सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम हेतु 36 माह तक अध्ययन अवकाश का प्रावधान किया गया।Biofuel Authority के CEO-cum-Project Director को विभागाध्यक्ष सूची में शामिल करना (16-01-2020)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 130 पर Chief Executive Officer and Project Director, Biofuel Authority, ex-officio Joint Secretary, Rural Development Department, Jaipur की प्रविष्टि जोड़ी गई।
वर्ष 2019
मूल्यांकन विभाग के निदेशक को विभागाध्यक्ष सूची में शामिल करना (05-02-2019)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 129 पर Director, Evaluation Department, Rajasthan, Jaipur की प्रविष्टि जोड़ी गई।
वर्ष 2018
RSLSA के सदस्य सचिव को विभागाध्यक्ष सूची में शामिल करना (06-11-2018)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में नई प्रविष्टि जोड़कर सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर को विभागाध्यक्ष (श्रेणी-I) की सूची में शामिल किया गया।परिशिष्ट-IX में क्रम संख्या 7A का संशोधित प्रतिस्थापन (06-08-2018)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX के क्रम संख्या 7A को पुनः प्रतिस्थापित कर विभागाध्यक्ष को विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में रखने की शक्ति और उसकी समय-सीमा स्पष्ट की गई।महिला कार्मिकों के उपनाम परिवर्तन या विलोपन की सरल प्रक्रिया (15-02-2018)
मुख्य बिंदु: इस कार्यालय ज्ञापन में विवाह, पुनर्विवाह या वैवाहिक स्थिति परिवर्तन के कारण महिला सरकारी कर्मचारियों के उपनाम के जोड़ने, बदलने या हटाने की सरल प्रशासनिक प्रक्रिया निर्धारित की गई।
वर्ष 2017
नियम 24 में वेतन सीमा संबंधी संशोधन (30-10-2017)
मुख्य बिंदु: नियम 24 को प्रतिस्थापित कर यह प्रावधान किया गया कि कर्मचारी का वेतन वेतन मैट्रिक्स के संबंधित स्तर और सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत सीमा से अधिक नहीं होगा। साथ ही बिना सरकारी स्वीकृति विशेष या व्यक्तिगत वेतन देने पर रोक भी स्पष्ट की गई।नियम 35 की व्याख्या में अतिरिक्त प्रभार भत्ता दरों का संशोधन (30-10-2017)
मुख्य बिंदु: नियम 35 के नीचे दी गई व्याख्या में अनुमानित वेतन पर देय अतिरिक्त प्रभार भत्ते की दर 1.5% और 3% से घटाकर क्रमशः 1% और 2% की गई। टिप्पणी में स्वयं के वेतन के स्थान पर वेतन मैट्रिक्स के मूल वेतन को आधार मानना भी स्पष्ट किया गया।नियम 8A में जन्मतिथि निर्धारण प्रावधान का संशोधन (28-09-2017)
मुख्य बिंदु: नियम 8A(2)(b)(iii) को प्रतिस्थापित कर स्पष्ट किया गया कि जिन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता माध्यमिक या उच्च माध्यमिक से कम है, वहाँ जन्मतिथि का निर्धारण विद्यालय प्रमाणपत्र या जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत सक्षम प्राधिकारी के प्रमाणपत्र से किया जाएगा।HCM RIPA से संबंधित पदनामों का संशोधन (02-01-2017)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में निदेशक, HCM RIPA जयपुर के स्थान पर महानिदेशक, HCM RIPA जयपुर किया गया। साथ ही सूची 'B' में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), HCM RIPA जयपुर जोड़ा गया और अतिरिक्त निदेशक, HCM RIPA उदयपुर की प्रविष्टि हटाई गई।
वर्ष 2016
मेडिकल शिक्षा आयुक्त को विभागाध्यक्ष सूची में शामिल करना (27-06-2016)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 127 पर प्रमुख शासन सचिव एवं आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, राजस्थान, जयपुर की प्रविष्टि जोड़ी गई। इससे यह पद विभागाध्यक्ष श्रेणी में शामिल हुआ।परिशिष्ट-IX में क्रम संख्या 7A का पुनः प्रतिस्थापन (08-06-2016)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX के क्रम संख्या 7A को प्रतिस्थापित कर विभागाध्यक्ष को विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा के अंतर्गत रखने की शक्ति और उसकी समय-सीमा स्पष्ट की गई।नियम 160 में सेवा पुस्तिका की प्रति संबंधी संशोधन (18-01-2016)
मुख्य बिंदु: नियम 160 के उपनियम (4) को प्रतिस्थापित कर और उपनियम (4A) जोड़कर सेवा पुस्तिका की सत्यापित प्रति निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध कराने तथा मूल सेवा पुस्तिका को प्रामाणिक दस्तावेज मानने का प्रावधान किया गया।
वर्ष 2015
RSMSSB अध्यक्ष को परिशिष्ट-XIV में जोड़ना (14-10-2015)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 126 पर अध्यक्ष, राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड, जयपुर को जोड़ा गया।DMIC आयुक्त को विभागाध्यक्ष सूची में जोड़ना (17-07-2015)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में आयुक्त, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC), राजस्थान, जयपुर को नई प्रविष्टि के रूप में जोड़ा गया।परिशिष्ट-IX में क्रम संख्या 1 की मद (2) और 7A का संशोधन (13-07-2015)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX में क्रम संख्या 1 की विद्यमान मद (2) हटाई गई और क्रम संख्या 7A को प्रतिस्थापित किया गया। संशोधन के तहत विभागाध्यक्ष को कर्मचारियों को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा की स्थिति में रखने संबंधी शक्ति और उसकी सीमाएँ पुनर्निर्धारित की गईं।
वर्ष 2014
नियम 94 और परिशिष्ट-II का विलोपन (22-09-2014)
मुख्य बिंदु: राजस्थान सेवा नियम, 1951 में नियम 94(1) के खंड (b) और (c) को हटाया गया तथा खंड-द्वितीय के परिशिष्ट-II को पूर्णतः विलोपित किया गया।वन विभाग की विभागाध्यक्ष सूची में संशोधन (09-09-2014)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक तथा अन्य वन संबंधी उच्च पदों की नई प्रविष्टियाँ जोड़ी गईं। साथ ही पुरानी वन विभाग संबंधी प्रविष्टियाँ हटाकर सूची को अद्यतन किया गया।मेडिकल अधिकारियों के परीवीक्षा प्रशिक्षण उपबंध का प्रतिस्थापन (03-07-2014)
मुख्य बिंदु: नियम 8 के नीचे पूर्व में जोड़ा गया उपबंध प्रतिस्थापित कर चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ प्रदर्शक और सहायक आचार्य (चिकित्सा सेवा महाविद्यालय शाखा) के लिए MBBS तथा इंटर्नशिप के आधार पर परीवीक्षा प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई।
वर्ष 2013
कुछ लिपिकीय पदों को राजपत्रित घोषित करना (13-09-2013)
मुख्य बिंदु: नियम 7(10-A) के तहत अधीनस्थ कार्यालयों के लिपिकीय संवर्ग के प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ निजी सहायक और निजी सचिव पदों को राजपत्रित घोषित किया गया।गौ सेवा निदेशक को विभागाध्यक्ष सूची में जोड़ना (22-08-2013)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 142 पर निदेशक, गौ सेवा, राजस्थान, जयपुर को जोड़ा गया। इससे उक्त पद विभागाध्यक्ष (श्रेणी-I) की सूची में शामिल हुआ।PHED और जल प्रबंधन बोर्ड के पदों को परिशिष्ट-XIV में जोड़ना (11-01-2013)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में मुख्य अभियंता (मुख्यालय), PHED, राजस्थान, जयपुर को जोड़ा गया। साथ ही सूची 'B' में वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी, राजस्थान वाटर सप्लाई एंड सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड, जयपुर की नई प्रविष्टि जोड़ी गई।
वर्ष 2012
नियम 91 में विशेषाधिकार अवकाश जमा का नया उपबंध (12-12-2012)
मुख्य बिंदु: नियम 91(2)(a) के बाद नया उपबंध जोड़कर यह व्यवस्था की गई कि यदि जून या दिसंबर के अंत में विशेषाधिकार अवकाश शेष 300 दिन या उससे कम, लेकिन 285 दिन से अधिक हो, तो 15 दिन का अग्रिम जमा नियमानुसार दिया जाएगा। RAC सदस्यों के लिए 21 दिन का पृथक प्रावधान रखा गया।जनजाति क्षेत्रीय विकास आयुक्त को विभागाध्यक्ष घोषित करना (27-11-2012)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'A' में क्रम संख्या 136 पर आयुक्त, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर की नई प्रविष्टि जोड़ी गई। इससे उक्त पद विभागाध्यक्ष (श्रेणी-I) की सूची में शामिल हुआ।परिशिष्ट-XIV में जल संसाधन विभाग की प्रविष्टियों का संशोधन (02-10-2012)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-XIV की सूची 'B' में अतिरिक्त मुख्य अभियंता (मुख्यालय), जल संसाधन, राजस्थान, जयपुर को जोड़ा गया। साथ ही सूची 'A' से सिंचाई, माही परियोजना और बीसलपुर परियोजना से संबंधित चार मुख्य अभियंता प्रविष्टियाँ हटाई गईं।नियम 103A के स्थान पर 122A पढ़ने संबंधी corrigendum (24-09-2012)
मुख्य बिंदु: 15.02.2012 के संशोधन आदेश में अंकित '103A' को त्रुटि-सुधार के रूप में '122A' पढ़ा जाना स्पष्ट किया गया। यह पूर्व आदेश के correction के लिए जारी corrigendum है।अध्ययन अवकाश अवधि में संशोधन (31-05-2012)
मुख्य बिंदु: नियम 112 में अपवाद जोड़कर चिकित्सा अधिकारियों को स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए 36 माह तक अध्ययन अवकाश की अनुमति दी गई। साथ ही नियम 121A में अध्ययन अवकाश की अवधि संबंधी शब्दावली 'दो वर्ष' के स्थान पर 'दो वर्ष और उससे अधिक' की गई।पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा अवधि 30 दिन (29-02-2012)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX के क्रम संख्या 1 की मद (2) को प्रतिस्थापित कर पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा की अधिकतम अवधि 30 दिन निर्धारित की गई। आदेश में कारण दर्ज करने और 30 दिन से अधिक अवधि न रखने की शर्तें भी जोड़ी गईं।
वर्ष 2011
मेडिकल अधिकारियों की परीवीक्षा प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष (26-12-2011)
मुख्य बिंदु: नियम 8 के नीचे उपबंध जोड़कर चिकित्सा अधिकारियों के लिए परीवीक्षा प्रशिक्षण की अवधि दो वर्ष के स्थान पर एक वर्ष निर्धारित की गई, क्योंकि वे इंटर्नशिप में एक वर्ष व्यतीत करते हैं। यह संशोधन 20.12.2011 से प्रभावी माना गया है।
वर्ष 2010
नियम 74 में अधिकृत चिकित्सा परिचर की परिभाषा संशोधित (07-09-2010)
मुख्य बिंदु: नियम 74 के अंतर्गत टिप्पणी 1 प्रतिस्थापित कर अधिकृत चिकित्सा परिचर की परिभाषा स्पष्ट की गई। इसमें चिकित्सा परिचर्या नियम, 2008 तथा 01.01.2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर लागू मेडिक्लेम व्यवस्था का संदर्भ जोड़ा गया।GF&AR के Annexure-A में नई प्रविष्टि 34A (25-08-2010)
मुख्य बिंदु: सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों के भाग-I के Annexure-A में नई प्रविष्टि 34A जोड़ी गई। इसके तहत Revenue Research and Training Institute, Ajmer के निदेशक को निर्धारित दरों पर lecturers को lecture fees के भुगतान की स्वीकृति की शक्ति दी गई।नियम 91A का प्रतिस्थापन और अवकाश नकदीकरण (03-06-2010)
मुख्य बिंदु: नियम 91A को प्रतिस्थापित कर यह प्रावधान किया गया कि कर्मचारी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 15 दिन का विशेषाधिकार अवकाश समर्पित करके उसका नकदीकरण प्राप्त कर सकता है।नियम 99 में चुनाव ड्यूटी संबंधी नोट जोड़ा गया (18-05-2010)
मुख्य बिंदु: नियम 99 के खंड (i) के अंत में टिप्पणी जोड़कर यह स्पष्ट किया गया कि कर्मचारी प्रशिक्षण सहित चुनाव कार्य के लिए घर या कार्यालय से निकलने के क्षण से लेकर वापसी तक चुनाव ड्यूटी पर माना जाएगा।परिशिष्ट-IX में नया क्रम संख्या 22-B जोड़ा गया (16-04-2010)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX में 22-A के बाद नया 22-B जोड़कर अनुकम्पा आधार पर नियुक्त अप्रशिक्षित अस्थायी शिक्षकों तथा आश्रित, विधवा या तलाकशुदा नियुक्तियों को असाधारण अवकाश स्वीकृत करने की शक्ति शिक्षा विभाग के निदेशकों को दी गई।
वर्ष 2009
परिशिष्ट-IX में राजस्व मंडल अध्यक्ष की अवकाश स्वीकृति शक्ति (29-09-2009)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX में क्रम संख्या 1 के सामने मद (3) को प्रतिस्थापित कर राजस्व मंडल के अध्यक्ष को पटवारी से राजस्व लेखा निरीक्षक तक के राजस्व पदों के मामलों में 60 दिन तक की छुट्टी स्वीकृत करने की शक्ति दी गई।प्रतिनियुक्ति पर पेंशन अंशदान की दर में संशोधन (23-07-2009)
मुख्य बिंदु: राजस्थान सेवा नियम, 1951 में संशोधन कर 01.01.2007 से प्रतिनियुक्ति या विदेश सेवा के प्रत्येक माह के लिए मूल संवर्ग के वेतन, ग्रेड वेतन और महंगाई भत्ते के योग का 10 प्रतिशत पेंशन अंशदान देय किया गया।राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2008 का तृतीय संशोधन (23-07-2009)
मुख्य बिंदु: इस संशोधन से नियम 8 हटाया गया, नियम 9 प्रतिस्थापित किया गया, 'विशेष भत्ता' शब्दावली को 'विशेष वेतन' से बदला गया और अनुसूची-II की संबंधित प्रविष्टियाँ संशोधित की गईं। यह आदेश 01.06.2009 से प्रभावी है।परिशिष्ट-IX में पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा संबंधी शक्ति का संशोधन (20-05-2009)
मुख्य बिंदु: परिशिष्ट-IX के क्रम संख्या 1 की मद (2) को प्रतिस्थापित कर प्रशासनिक विभाग को सरकारी सेवकों को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में रखने की शक्ति अधिकतम 60 दिन तक प्रदान की गई। आदेश में कारण अभिलेखित करने की शर्त भी रखी गई है।
वर्ष 2008
परिशिष्ट-IX में 135 दिन की अवधि को 180 दिन करना (16-12-2008)
मुख्य बिंदु: राजस्थान सेवा नियम, खंड-2 के परिशिष्ट-IX में क्रम संख्या 22 के नीचे दिए गए अपवाद में '135 days' के स्थान पर '180 days' किया गया। इससे संबंधित स्वीकृत अवधि 180 दिन कर दी गई।
वर्ष 2007
संशोधित राजस्थान सेवा नियम एवं पेंशन नियम पुस्तकों का वेब अपलोड (14-09-2007)
मुख्य बिंदु: वित्त विभाग ने सूचित किया कि राजस्थान सेवा नियम तथा राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 की 31 मई 2007 तक संशोधित पुस्तिकाएँ विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई हैं। यह सूचना प्रसारण संबंधी परिपत्र है, नियम संशोधन आदेश नहीं।